NEW DELHI : यदि आप किसी को अपनी प्रापर्टी रेंट आउट कर रहे हैं तो सावधान हो जाईये। क्योंकि दिल्ली में एक ऐसा केस पकड़ में आया है जिसमें किरायेदार ने मरे व्यक्ति के नाम पर एक दो नहीं बल्कि तीन—तीन होम लोन ले लिये। इन होम लोन की कीमत लगभग 7 करोड़ है। अपराध शाखा ने इस फर्जीवाड़े का भांडफोड़ किया है।
सचिन शर्मा नाम के व्यक्ति को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने जाली दस्तावेज तैयार कर बैंक से 7 करोड़ रुपये के होम लोन मामले में गिरफ्तार किया है। पूरी खबर इस प्रकार है कि सूरजमल विहार में प्रापर्टी ओनर ने कहा कि उसने 2014 में राहुल शर्मा, सचिन शर्मा और मांगे राम शर्मा को किराए पर मकान दिया था। रेंट एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भी सचिन शर्मा और राहुल शर्मा ने 2016 में उसके साथ एक पट्टे में और उक्त संपत्ति में किरायेदारों के रूप में खुद को जारी रखा।
इसी दरम्यान सचिन शर्मा ने चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड से रेंटेड प्रापर्टी होम लोन लिया और बैंक गारंटी के नाम पर रेंटेंड प्रापटी के फर्जी दस्तावेज लगा दिये। उसे इस बात की जानकारी तब हुई जब बैंक से फोन आया।
मकान मालिक की होश तब उड़े जब उसे पता चला कि सिर्फ चोलामंडलम ही नहीं बल्कि इन लोगों ने एक्सिस बैंक और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड से भी 2 करोड़ 19 लाख और और 2 करोड़ 25 लाख का लोन उसकी प्रापर्टी मोग्रेज कर ले रखा है।
यह सब काम रीता रीता बब्बर का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कर किया गया। सुनीता बब्बर नामक एक महिला ने मांगे राम शर्मा को संपत्ति बेची, और राहुल शर्मा ने पंजीकृत बिक्री कार्यों की वीडियोग्राफी की और उन्होंने एक्सिस बैंक, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड और चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस कंपनी लिमिटेड से होम लोन लिया।