LUCKNOW : भारत—पाक क्रिकेट मैच से भी ज्यादा रोमांच पैदा करा रहा शिया वक्फ बोर्ड (Shia Waqf Board) के चेयरमैन के चुनाव का फैसला लगता है स्लाग ओवर में भी नहीं हो पाएगा। सदस्यों के चुनाव का पहला मैच मौलाना कल्बे जव्वाद साहब हार गये थे। उसके बाद उन्होंने अपनी पंसद के लोगों की फेहरिस्त को जारी करा के वसीम रिजवी को धोबी पछाड़ वार दिया और वह चारो खाने चित्त नजर आये।
10 लोगों की लिस्ट में साफ लग रहा है कि जिसे कल्बे जव्वाद साहब चाहेगें वही चेयरमैन बनेगा। लेकिन यह शिया वक्फ बोर्ड (Shia Waqf Board) का चुनाव है और वसीम रिजवी ने कहा है कि अब तो मैच शुरू हुआ है। ऐसे में लगता है कि वसीम रिजवी के पास कोई ऐसा पत्ता तो नहीं जो मौके पर शो करें।
समय कम है और जल्द ही सूबे में अचार संहिता लगने वाली है। सरकार कल्बे जव्वाद साहब को नाराज नहीं रकना चाहती। ऐसे में बोर्ड का चुनाव महज औपचारिकता होगी। जानकारों की माने तो सदस्यों के कोरम में विधायकों वाली श्रृेणी में कुछ लोचा नजर आ रहा है जिसका फायदा उठाकर वसीम रिजवी न्यायालय से चुनाव का स्थगन आदेश ला सकते हैं। हालांकि ऐसा महज आशंका है। क्योंकि विधाकयों की श्रृेणी में बुक्कल नवाब शिया वक्फ बोर्ड (Shia Waqf Board) से किनाराकशी करने का एलान किया था। मोहसिन रजा पहले से मंत्री है।
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